इंदौर : स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 का परिणाम शनिवार को घोषित हुए। इंदौर छठी बार देश के सबसे साफ-सुथरे शहरों की लिस्ट में नंबर वन पर रहा है। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 के अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने यह अवार्ड प्रदान किया। पुरस्कार सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल ने ग्रहण किया। कार्यक्रम में कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा, कलेक्टर मनीष सिंह, संदीप सोनी भी मौजूद थे। जैसे ही इंदौर को यह अवॉर्ड दिया गया तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाटों से गूंज किया। अवॉर्ड समारोह का इंदौर में 11 स्थानों पर लाइव प्रसारण किया गया।
महापौर ने इंदौर की जागरूक जनता व सफाई मित्रों को दी बधाई
लगातार छठी बार इंदौर को स्वच्छता में नंबर वन पुरस्कार मिला है। इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर की जागरूक जनता व निगम सफाई मित्रों को बधाई दी है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने गरबा आयोजकों से अपील की है कि वे देश में छठी बार स्वच्छता में परचम लहराने वाले इंदौर के लिए गरबा उत्सव में स्वच्छता गान अवश्य कराएं। बता दें कि इंदौर को सफाई में नंबर वन का पुरस्कार तो मिला ही, साथ में सफाई मित्र चैलेंज पुरस्कार और फाइव स्टार कैटेगरी का पुरस्कार भी मिला है।
मध्य प्रदेश के इंदौर को लगातार छठी बार देश का सबसे साफ-सुथरा शहर होने का सम्मान मिला है। इसके बाद गुजरात के सूरत और महाराष्ट्र के नवी मुंबई को स्थान दिया गया है। केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वे (Annual Cleanliness Survey) का नतीजा शनिवार को जारी किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को आयोजित एक इवेंट में विजेताओं को सम्मानित किया। इस इवेंट में केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद थे। अब स्वच्छता मिशन के तहत कचरा मुक्त शहर का लक्ष्य रखा गया है।
जारी की गई लिस्ट, विजयवाड़ा की जगह नवी मुंबई को मिला दर्जा
सर्वे के बाद बेहतर प्रदर्शन वाले राज्यों की लिस्ट जारी की गई। इसमें सबसे ऊपर मध्य प्रदेश का नाम है जिसे स्वच्छ सर्वेक्षण सम्मान 2022 दिया जाएगा। इसके बाद गुजरात और महाराष्ट्र का नाम है। इस साल बड़े शहरों की कैटेगरी में इंदौर और सूरत हैं, जबकि विजयवाड़ा की जगह इस बार नवी मुंबई ने ले ली है।
- 100 शहरी स्थानीय निकायों से कम वाले राज्यों में त्रिपुरा ने शीर्ष स्थान हासिल किया।
- एक लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों की कैटेगरी में महाराष्ट्र के पंचगनी (Panchgani) ने पहला स्थान हासिल किया जिसके बाद छत्तीसगढ़ का पाटन और फिर महाराष्ट्र का ही करहड़ (Karhad) रहा।
- 1 लाख से अधिक जनसंख्या वाली कैटेगरी में हरिद्वार (Haridwar) को सबसे साफ गंगा शहर का सम्मान मिला। हरिद्वारा के बाद वाराणसी और फिर ऋषिकेश को यह सम्मान मिला।
- एक लाख से कम जनसंख्या वाले गंगा टाउन में बिजनौर अव्वल रहा। इसके बाद कन्नौज और फिर गढ़मुक्तेशवर को स्थान दिया गया है।
- सर्वे में महाराष्ट्र के देवलाली (Deolali) देश का सबसे साफ कैंटोनमेंट बोर्ड रहा।
2016 में शुरू हुआ था स्वच्छता सर्वेक्षण
साल 2016 में शुरू किए गए इस स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत 73 शहरों को लिया गया था। सात सालों में बढ़कर यह आंकड़ा 4 हजार के पार पहुंच गया है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण का 7वां एडीशन था जो स्वच्छ भारत मिशन (Urban) के तहत मानिटरिंग के लिए किया गया और स्वच्छता के विभिन्न मानकों के आधार पर शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) की रैंकिंग की गई। इस साल 4,354 शहरों का सर्वेक्षण किया गया था।
नयी दिल्ली, एक अक्टूबर (भाषा) केंद्र के वार्षिक सर्वेक्षण में इंदौर को लगातार छठी बार सबसे स्वच्छ शहर चुना गया, जबकि सूरत और नवी मुंबई ने क्रमश: दूसरा तथा तीसरा स्थान हासिल किया। सर्वेक्षण के परिणामों की घोषणा शनिवार को की गई।
‘स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022’ में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में मध्य प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया है, इसके बाद छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र का स्थान है।
इंदौर और सूरत ने इस साल बड़े शहरों की श्रेणी में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा, जबकि विजयवाड़ा ने अपना तीसरा स्थान गंवा दिया और यह स्थान नवी मुंबई को मिला। सर्वेक्षण के परिणामों के अनुसार, 100 से कम शहरी स्थानीय निकायों वाले राज्यों में त्रिपुरा ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को यहां एक कार्यक्रम में विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। इस मौके पर केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अन्य भी मौजूद थे। एक लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में महाराष्ट्र का पंचगनी पहले स्थान पर रहा। इसके बाद छत्तीसगढ़ का पाटन (एनपी) और महाराष्ट्र का करहड़ रहा।
एक लाख से अधिक आबादी की श्रेणी में हरिद्वार गंगा के किनारे बसा सबसे स्वच्छ शहर रहा। इसके बाद वाराणसी और ऋषिकेश रहे। सर्वेक्षण के परिणामों के अनुसार, एक लाख से कम आबादी वाले गंगा के किनारे बसे शहरों में बिजनौर पहले स्थान पर रहा। इसके बाद क्रमशः कन्नौज और गढ़मुक्तेश्वर का स्थान रहा।
सर्वेक्षण में, महाराष्ट्र के देवलाली को देश का सबसे स्वच्छ छावनी बोर्ड चुना गया। स्वच्छ सर्वेक्षण का सातवां संस्करण स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की प्रगति का अध्ययन करने और विभिन्न स्वच्छता मानकों के आधार पर शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को रैंक देने के लिए आयोजित किया गया था।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दी बधाई
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बधाइयां! शुभकामनाएं! अभिनंदन! गर्व है मुझे स्वच्छता के शिखर पर सुशोभित इंदौर पर, गर्व है मुझे इंदौर की जनता पर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर होने का गौरव प्राप्त करने पर देवतुल्य जनता, समस्त जनप्रतिनिधियों एवं टीम एमपी के सभी सदस्यों को हार्दिक बधाई। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में 100 से अधिक शहरों वाले राज्यों की श्रेणी में सबसे स्वच्छ राज्य बनने का गौरव हासिल करने पर मध्यप्रदेश की जनता का हार्दिक अभिनंदन। बारंबार आभार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का, जिन्होंने स्वच्छता के संकल्प पर हमेशा हमारा मार्गदर्शन किया।
.jpg)

0 Comments