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तुकोजी राव होलकर द्वितीय (1844-1886)


तुकोजीराव द्वितीय इन्दौर के बेहतरीन शासको में से एक थे, ऐसे में उन्हे मॉडर्न इन्दौर के आधुनिक निर्माता के रूप में बुलाना अनुचित नहीं होगा। • निम्न उपलब्धियों का श्रेय महाराजा तुकोजीराव को दिया जा सकता है। राजवाड़ा से कुछ दूरी पर एक सार्वजनिक पुस्तकालय इन्दौर जनरल लायब्रेरी । • एक सिचाई विभाग की शुरुआत ।

• शहर और जिला पुलिस में सुधार करने के लिए शहर फौजदार की नियुक्ति की गई और इन्दौर राज्य की सीमा के अंदर बॉम्बे आगरा रोड़ पर गुजर रहे यातायात की सुरक्षा के लिए एक अधिकारी नियुक्त किया गया।

• पिपलया (पिपलया पाला आज का क्षेत्रिय पार्क) में पेय जल की योजना का निर्माण किया गया, शहर से लगभग 7-8 किलोमीटर दूर से पाईप के जरिए पीने के पानी को शहर के मध्य लाया गया।

• पंचायत प्रणाली शुरु की गई.... वर्ष 1872 से न्यायिक व्यवस्था का पुर्नगठन शुरु किया और वर्ष 1875 में नियमित अदालते पुरे राज्य में स्थापित कि गई। • न्यायिक और पुलिस विभागों का पुर्नगठन किया गया और राज्य डाक विभाग की स्थापना कि गई वर्ष 1866 में इन्दौर में एक टेक्स टाईस मील की स्थापना कि गई, जो मोटे कपड़े का उत्पादन करती थी ।

• यह भारत में पहली शाही कपास मील थी।

• 1869 में उन्होंने खंडवा - इन्दौर लाइन के निर्माण के लिए ब्रिटिश सरकार को एक करोड़ रुपए का ऋण देने की पेशकश की थी, जिसे होल्कर स्टेट रेल्वे के रूप में जाना जाता था।

• उसी वर्ष इन्दौर नगर पालिका अस्तित्व में आई ।

सुखनिवास पैलेस 1883 का निर्माण भामोरी टैंक, इन्दौर के दक्षिण-पश्चिम से सात मील की दूरी पर हुआ, हवा महल का निर्माण एक उच्च टीले पर इन्दौर के दक्षिण-पश्चिम में लगभग पाँच मील की दूरी पर किया गया।

• 42 वर्ष के लम्बे शासन के बाद, 17 जून 1886 को उनका निधन हो गया ।

• उनका शासन काल असाधारण गौरव का था, जिसमें राज्य को समृध्दि और सामर्थ की उल्लेखनीय श्रेणी में लाया गया, उनके लम्बे शासन काल में सुधार हुए और राज्य की आय 22 लाख रुपए से बढकर 85 लाख रुपए प्रतिवर्ष हो गई।

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